गोवर्धन अब खुद का ई-रिक्शा चलाते हैं पुराने जूते-चप्पल सिलाई से होती थी बहुत कम आय, अब प्रसन्नतापूर्वक चला रहे परिवार
पन्ना 28 अगस्त 18/पन्ना शहर के धाम मोहल्ला निवासी श्री गोवर्धन जाटव पुराने जूते-चप्पल की सिलाई का काम कर अपनी आजीविका चला रहे थे। इन्हें लगभग 2 हजार रूपये की मासिक आमदनी ही हो पाती थी। जिससे घर का खर्च चलाना बहुत मुश्किल होता था। लेकिन अब गोवर्धन के पास अपना खुद का ई-रिक्शा है और वह ई-रिक्शा चलाकर पहले से बेहतर आय प्राप्त कर रहे हैं। इससे उनका परिवार प्रसन्नतापूर्वक चलने लगा है।
गोवर्धन ने बताया कि एक दिन उन्हें नगरपालिका पन्ना द्वारा दीनदयाल अन्त्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन अन्तर्गत संचालित मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के बारे में पता चला। योजना की मदद से उन्हें बैंक आॅफ बडौदा से एक लाख 58 हजार रूपये की वित्तीय सहायता मिली। जिसमंे उन्हें जिला शहरी विकास अभिकरण पन्ना द्वारा 47 हजार 400 रूपये की अनुदान राशि भी प्राप्त हुुई। इस राशि की मदद से उन्होंने ई-रिक्शा लिया। वह अब ई-रिक्शा चलाकर महीने में लगभग 12 हजार रूपये की आय आसानी से प्राप्त करने लगे हैं। ऋण चुकाने के बाद उन्हें 8 हजार रूपये की शुद्ध मासिक आमदनी प्राप्त हो जाती है। उनके घर संचालन में आ रहा संकट अब दूर हो गया है और उनकी आजीविका पटरी पर आ गयी है। इसके लिए गोवर्धन शासन द्वारा चलाई जा रही इस योजना का आभार व्यक्त करते हैं।
समाचार क्रमांक 377-2628
गोवर्धन ने बताया कि एक दिन उन्हें नगरपालिका पन्ना द्वारा दीनदयाल अन्त्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन अन्तर्गत संचालित मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के बारे में पता चला। योजना की मदद से उन्हें बैंक आॅफ बडौदा से एक लाख 58 हजार रूपये की वित्तीय सहायता मिली। जिसमंे उन्हें जिला शहरी विकास अभिकरण पन्ना द्वारा 47 हजार 400 रूपये की अनुदान राशि भी प्राप्त हुुई। इस राशि की मदद से उन्होंने ई-रिक्शा लिया। वह अब ई-रिक्शा चलाकर महीने में लगभग 12 हजार रूपये की आय आसानी से प्राप्त करने लगे हैं। ऋण चुकाने के बाद उन्हें 8 हजार रूपये की शुद्ध मासिक आमदनी प्राप्त हो जाती है। उनके घर संचालन में आ रहा संकट अब दूर हो गया है और उनकी आजीविका पटरी पर आ गयी है। इसके लिए गोवर्धन शासन द्वारा चलाई जा रही इस योजना का आभार व्यक्त करते हैं।
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