मुख्यमंत्री जन कल्याण योजना लागू असंगठित श्रमिकों के बच्चों को काॅलेज में प्रवेष हेतु नहीं लगेगी फीस


पन्ना 04 जुलाई 18/अगर किसी विद्यार्थी के माता-पिता असंगठित श्रमिक के रूप में कार्य करते हैं और उनका पंजीयन श्रम विभाग में है तो ऐसे विद्यार्थियों की शासकीय महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में फीस नहीं लगेगी। सरकार ने जुलाई से शुरू हो रहे नए शिक्षण सत्र से मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना को लागू कर दिया है। उच्च शिक्षा विभाग ने भी प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को आदेश जारी कर दिये है। इसमें कहा गया है कि जिन विद्यार्थियों के पालक असंगठित श्रमिक के रूप में कार्य कर रहे हैं और उनका पंजीयन श्रम विभाग में है तो ऐसे विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जाये। उन्हें एडमिशन से लेकर शैक्षणिक सत्र की फीस मुक्त रखा जाये। मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के बाद उच्च शिक्षा विभाग में सरकार की यह दूसरी योजना है जिसके दायरे में आने पर विद्यार्थी को फीस जमा नहीं करनी होगी।

पारम्परिक व स्ववित्तीय कोर्स में नहीं लगेगी फीस

      मुख्यमंत्री जन-कल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना भी पारंपरिक और सेल्फ फाइनेंस दोनों प्रकार के पाठ्यक्रमों में लागू होगी। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सभी शासकीय महाविद्यालयों में चलाये जा रहे पारम्परिक कोर्साें और महाविद्यालयों की जनभागीदारी समिति द्वारा चलाये जा रहे स्व-वित्तीय पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों को इस योजना के तहत निःशुल्क प्रवेश मिलेगा। इस योजना में अभी यूजी प्रथम वर्ष और पीजी प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को ही लाभ मिलेगा। यूजी द्वितीय व तृतीय वर्ष और पीजी तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिये विभाग अलग से आदेश जारी करेगा।

अनुदान प्राप्त अशासकीय काॅलेजों में भी लागू होगी यह योजना

यह योजना अनुदान प्राप्त प्राइवेट महाविद्यालयों में भी लागू होगी। ऐसे प्राइवेट महाविद्यालयों जिन्हें उच्च शिक्षा विभाग से प्रतिवर्ष अनुदान मिलता है, उनमें पढ़ने वाले विद्यार्थी भी अगर इस योजना के तहत पात्र हैं तो उन्हें भी इस सत्र में फीस नहीं देनी होगी।
समाचार क्रमांक 49-1981

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