जिला जेल में विधिक साक्षरता शिविर सम्पन्न जन्म से कोई व्यक्ति अपराधी नही होता-जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री कोष्टा
पन्ना 07 अगस्त 18/जिला जेल पन्ना में जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री राजेश कुमार कोष्टा के मुख्य आतिथ्य एवं श्री संजीव सिंघल प्रशिक्षु अपर जिला न्यायाधीश, श्री मनोज कुमार तिवारी न्यायिक मजिस्टेªट, श्री मुहम्मद जीलानी जिला विधिक सहायता अधिकारी, श्री दिनेश इमले अधीक्षक जिला जेल पन्ना, श्री सत्यभान मिश्रा जेल उपअधीक्षक, श्रीमती मंजू कुचूर सहा. जेल उपअधीक्षक की सहभागिता में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
श्री राजेश कुमार कोष्टा जिला न्यायाधीश पन्ना ने शिविर में बंदियांे के मध्य अपनी बात रखते हुए कहा कि ’जन्म से कोई व्यक्ति अपराधी नही होता, बल्कि व्यक्ति गलत आदतों, परिस्थितिवश अथवा अचानक आवेश के आने पर अपने धैर्य को खो देने पर विधि विरुद्ध कार्य करने से अपराधी बन जाता है, न्याय विधान के उद्देश्यों की पूति हेतु अपराधी को जेल में रहना पड़ता है। भारतीय सजा व्यवस्थानुसार जेल में न केवल दण्ड भुगतने हेतु वरन् जीवन में सुधारात्मक परिवर्तन हेतु रखा जाता है।
श्री कोष्टा ने कहा कि बंदीगण होते हुए भी आपके मानव अधिकार जीवित रहते है जिसके तहत आप लोगों को जीवन जीने की सामान्य सुविधायें, चिकित्सा सुविधायें, निःशुल्क विधिक सहायता एवं सलाह सुविधायें उपलब्ध कराई जाती है, लेकिन इसके साथ ही जेल नियमों का पालन करते हुए अपने जीवन में सुधारात्मक परिवर्तन लाते हुए अपराधों से विमुख होने की प्रवृत्ति को अपनाना आपका कत्र्तव्य है। जिला न्यायाधीश ने बंदियों से उनकी समस्याएं सुनकर उन्हें उचित विधिक सलाह एवं संबंधितों को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया।
श्री मनोज कुमार तिवारी न्यायिक मजिस्टेªट ने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता एवं सलाह योजनान्तर्गत ’निःशुल्क अधिवक्ता सुविधा’ के बारे में जानकारी प्रदान की साथ ही बंदीजनों को जेल में रहते हुए भी जीवन में निरन्तर सुधार लाने हेतु प्रोत्साहित किया। श्री मुहम्मद जीलानी जिला विधिक सहायता अधिकारी पन्ना ने शिविर कार्यक्रम का संचालन करते हुए उपस्थित बंदियों को बंदीजन हितार्थ आवश्यक कानूनी विधियों की जानकारी प्रदान की। श्री दिनेश इमले जेल अधीक्षक जिला जेल पन्ना ने शिविर के अंत में आभार प्रकट करते हुए बंदीजनों को शिविर से प्राप्त हुई ज्ञानवर्धक बातों को अमल में लाने हेतु प्रोत्साहित किया।
शिविर कार्यक्रम में जिला जेल पन्ना स्टाॅफ सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पन्ना का स्टाॅफ, जिला जेल में नियुक्त दण्डित बंदी पैरालीगल वालेन्टियर्स एवं काफी संख्या में बंदीजन उपस्थित रहे।
समाचार क्रमांक 103-2355
श्री राजेश कुमार कोष्टा जिला न्यायाधीश पन्ना ने शिविर में बंदियांे के मध्य अपनी बात रखते हुए कहा कि ’जन्म से कोई व्यक्ति अपराधी नही होता, बल्कि व्यक्ति गलत आदतों, परिस्थितिवश अथवा अचानक आवेश के आने पर अपने धैर्य को खो देने पर विधि विरुद्ध कार्य करने से अपराधी बन जाता है, न्याय विधान के उद्देश्यों की पूति हेतु अपराधी को जेल में रहना पड़ता है। भारतीय सजा व्यवस्थानुसार जेल में न केवल दण्ड भुगतने हेतु वरन् जीवन में सुधारात्मक परिवर्तन हेतु रखा जाता है।
श्री कोष्टा ने कहा कि बंदीगण होते हुए भी आपके मानव अधिकार जीवित रहते है जिसके तहत आप लोगों को जीवन जीने की सामान्य सुविधायें, चिकित्सा सुविधायें, निःशुल्क विधिक सहायता एवं सलाह सुविधायें उपलब्ध कराई जाती है, लेकिन इसके साथ ही जेल नियमों का पालन करते हुए अपने जीवन में सुधारात्मक परिवर्तन लाते हुए अपराधों से विमुख होने की प्रवृत्ति को अपनाना आपका कत्र्तव्य है। जिला न्यायाधीश ने बंदियों से उनकी समस्याएं सुनकर उन्हें उचित विधिक सलाह एवं संबंधितों को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया।
श्री मनोज कुमार तिवारी न्यायिक मजिस्टेªट ने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता एवं सलाह योजनान्तर्गत ’निःशुल्क अधिवक्ता सुविधा’ के बारे में जानकारी प्रदान की साथ ही बंदीजनों को जेल में रहते हुए भी जीवन में निरन्तर सुधार लाने हेतु प्रोत्साहित किया। श्री मुहम्मद जीलानी जिला विधिक सहायता अधिकारी पन्ना ने शिविर कार्यक्रम का संचालन करते हुए उपस्थित बंदियों को बंदीजन हितार्थ आवश्यक कानूनी विधियों की जानकारी प्रदान की। श्री दिनेश इमले जेल अधीक्षक जिला जेल पन्ना ने शिविर के अंत में आभार प्रकट करते हुए बंदीजनों को शिविर से प्राप्त हुई ज्ञानवर्धक बातों को अमल में लाने हेतु प्रोत्साहित किया।
शिविर कार्यक्रम में जिला जेल पन्ना स्टाॅफ सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पन्ना का स्टाॅफ, जिला जेल में नियुक्त दण्डित बंदी पैरालीगल वालेन्टियर्स एवं काफी संख्या में बंदीजन उपस्थित रहे।
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