नेशनल लोक अदालत में मिलेगी विद्युत प्रकरणों में छूट

पन्ना 21 जून 18/राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार एवं श्री राजेश कुमार कोष्टा जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में 14 जुलाई को सम्पूर्ण जिले में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है।
   
    सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया है कि लोक अदालतों में विद्युत विभाग द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार विद्युत प्रकरणों में छूट प्रदान की गयी थी। दिनांक 14 जुलाई को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में भी ऊर्जा विभाग के निर्देशानुसार विद्युत संबंधी प्रकरणों में समझौता करने के लिए छूट लागू रहेगी। उन्होंने बताया है कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135, 138 एवं 126 के अन्तर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए 14 जुलाई 2018 को होने वाली वार्षिक नेशनल लोक अदालत में लंबित प्रकरणों में निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवाट भार तक के गैर घरेलू, 10 अश्वशक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को नियमानुसार छूट दी जाएगी।

    उन्होंने बताया कि प्रिलिटिगेशन स्तर पर:- कम्पनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 40 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किए जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्ये 6 माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट की जाएगी। लिटिगेशन स्तर पर:- कम्पनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 25 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किए जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्ये 6 माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट की जाएगी।

    उन्होंने बताया कि आवेदक को निर्धारित छूट के उपरांत शेष देय आंकलित सिविल दायित्व एवं ब्याज की राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा। उपभोक्ता/उपयोगकर्ता का विचाराधीन प्रकरण वाले परिसर एवं अन्य परिसरों पर उसके नाम पर किसी अन्य संयोजक/संयोजकों के विरूद्ध देयकों की बकाया राशि का पूर्ण भुगतान भी करना होगा। आवेदक के नाम पर कोई विधिक संयोजक न होने की स्थिति में छूट का लाभ प्राप्त करने हेतु आवेदक द्वारा विधिक संयोजन प्राप्त करना एवं पूर्व में विच्छेदित संयोजनों के विरूद्ध बकाया राशि (यदि कोई हो) का पूर्ण भुगतान किया जाना अनिवार्य होगा। नेशनल लोक अदालत में छूट आवेदक द्वारा विद्युत चोरी/अनाधिकृत उपयोग पहली बार किए जाने की स्थिति में ही दी जाएगी। विद्युत चोरी/ अनाधिकृत उपयोग के प्रकरणों में पूर्व की लोक अदालत/अदालतों में छूट प्राप्त किए उपभोक्ता/ उपयोगकर्ता को छूट प्राप्त नही होंगे। सामान्य विद्युत देयकों के विरूद्ध बकाया राशि पर कोई छूट नही दी जाएगी। यह छूट मात्र नेशनल लोक अदालत 14 जुलाई 2018 में समझौता करने के लिए ही लागू रहेगी। अपराध शमन फीस अधिनियम के प्रावधान अनुसार वसूल की जाएगी। 
समाचार क्रमांक 254-1811








   

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